Organ Donation; आगरा में इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन ने अंगदान के प्रति जागरूक कार्यक्रम किया. जिसमें मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार रहे. उन्होंने जीवन शैली में बदलाव, शुद्ध भोजन और व्यायाम जरूरी करने की सलाह दी. देश की 120 शाखाओं ने 300 से अधिक जागरूकता पूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए हैं.
आगरा, उत्तर प्रदेश।
Organ Donation; मृत्यु एक अंत है, पर अंगदान (Organ Donation) अनेक जिंदगियों के लिए नई शुरुआत है। अंगदान महादान है, जीवन दान है। और मानवता की पहचान है। आपका एक निर्णय किसी के लिए जीवन बन सकता है। अपने परिवार से बात करें, अपने निर्णय को साझा करें। कुछ इन्हीं विचारों के साथ इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की ओर से अंगदान (Organ Donation) के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन गुरुवार को हरीपर्वत स्थित होटल होलीडे इन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार, सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह त्यागी, डॉ अरविंद यादव, डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. दीप्तिमाला अग्रवाल, डॉ. अर्चना अग्रवाल और डॉ राकेश त्यागी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने कहा कि अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम की सराहना की। कहा कि अंगदान महादान है। अंगदान से कई जीवन बचाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लाइफ स्टाइल में बदलाव, शुद्ध भोजन और नियमित व्यायाम करने से रोगों से दूर रहा जा सकता है। अब किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट आगरा जनपद सही सहित कई छोटे जनपदों में भी नियमित रूप से किया जा रहा है। अंगदान से आत्मिक खुशी और सुकून मिलता है। उन्होंने जनपद वासियों से अंगदान रूपी अभियान में सहभागिता करने की भी अपील की। कार्यक्रम में नोटो के डायरेक्टर अनिल कुमार जूम मीटिंग से जुड़े। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को अंगदान संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। स्वागत भाषण चेयरमैन डॉ अरविंद यादव द्वारा दिया गया। कुशल संचालन सचिव डॉक्टर रजनीश मिश्रा ने किया।
Organ Donation; देश में 300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम
इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह त्यागी ने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूक करने के लिए सोसाइटी ने अगस्त माह को अवेयरनेस माह के रूप में मनाया। जिसमें देशभर में 120 शाखाओं ने 300 से अधिक जागरूकता पूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किए। एक मृत व्यक्ति के अंगदान से 9 लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सोसाइटी के अंगदान एक अभियान के तहत किये जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी।

ये रहे मौजूद
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. प्रशांत लवानिया और डॉ. तरुण मित्तल ने अंगदान के प्रति जागरुक किया गया। एसएन मेडिकल कॉलेज और सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल में हुए अंगदान की सफल सर्जरी की जानकारी दी। किडनी ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया और आधुनिक उपचार से भी अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ, डॉक्टर संजय चतुर्वेदी, डॉक्टर संजय गुप्ता, डॉक्टर मिहिर गुप्ता, डॉ दीपक दोनेरिया, डॉ सौमिका, डॉक्टर अंकित, डॉ विनीता, डॉ मधु, डॉक्टर लव प्रिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मरीज और डोनर का हुआ सम्मान
जागरूकता पूर्ण कार्यक्रम में 10 मरीज और उनके डोनर को सम्मानित किया गया। मरीज और डोनर ने अपने अनुभवों को किया साझा। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील भी की।
अंगदान के प्रकार
अंगदान दो प्रकार से होता है। जीवित रहते हुए (जैसे एक किडनी या लीवर का कुछ हिस्सा) और मृत्यु (मस्तिष्क मृत्यु या ब्रेन डेड) के बाद।
दान करने वाले अंग व ऊतक
दान करने वाले मुख्य अंगों में किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और आंतें और ऊतकों में कॉर्निया (आंखें), त्वचा, हड्डियां और हृदय के वाल्व शामिल हैं।

