Agar News: आगरा सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्वत ने बताया कि 45 हॉस्पिटल्स के संचालकों को एक सप्ताह में मानक पूरे करने के निर्देश दिए हैं. तय अवधि में मानक पूरे नहीं होने पर इन हॉस्पिटल्स के लाइसेंस लाइसेंस निलंबित किया जाएगा.
आगरा, उत्तर प्रदेश.
Agar News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का पूरा फोकस चिकित्सा व्यवस्थाएं बेहतर करने पर है. सरकार की मंशा को आगरा में निजी हॉस्पिटल्स के संचालक पलीता लगा रहे हैं. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों के भौतिक निरीक्षण में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. जिसमें टीमों को प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ की कमी, आग से बचाव के अधूरे इंतजाम और आईसीयू में डॉक्टर की तैनाती नहीं होने पर 45 हॉस्पिटल के नवीनीकरण पर रोक लगा दी थी. नोटिस जारी होने से आगरा के निजी हॉस्पिटल संचालकों में खलबली मच गई है. इस बारे में आगरा सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्वत ने बताया कि 45 हॉस्पिटल्स के संचालकों को एक सप्ताह में मानक पूरे करने के निर्देश दिए हैं. तय अवधि में मानक पूरे नहीं होने पर इन हॉस्पिटल्स के लाइसेंस लाइसेंस निलंबित किया जाएगा.
बता दें कि आगरा में 1317 चिकित्सकीय संस्थान स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं. जिनमें 537 हॉस्पिटल, 513 क्लीनिक, 149 पैथोलॉजी और 108 डॉयग्नोस्टिक सेंटर हैं. अब चिकित्सकीय संस्थानों के पंजीकरण नियम सख्त हैं. 17 मानकों का सत्यापन करने पर चिकित्सकीय संस्थानों के लाइसेंस का नवीनीकरण और नए लाइसेंस बनाए जा रहे हैं. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सत्यापन करके रिपोर्ट बना रही हैं.
27 हॉस्पिटल्स में सबसे अधिक शिकायतें
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार चिकित्सकीय संस्थान के लाइसेंस नवीनीकरण की को लेकर लगातार टीमें जांच कर रही हैं. जिसमें ही 45 हॉस्पिटल ऐसे मिले हैं. जिनमें शासन की ओर से जारी किए गए चिकित्सकीय मानक अधूरे हैं. इतना ही नहीं, इनमें ही 27 ऐसे हॉस्पिटल्स हैं. जिनमें मरीजों के इलाज में लापरवाही समेत कई शिकायतें भी आई हैं. जिस पर हॉस्पिटल्स के भौतिक सत्यापन में स्वास्थ्य विभाग की टीम को तमाम खामियां मिली हैं. जिनमें ही इन हॉस्पिटल्स में आईसीयू मिले. मगर, वहां पर आईसीयू विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिले. इतना ही नहीं, हॉस्पिटल में स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं मिला है. जिस पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन 45 हॉस्पिटल्स संचालकों को नोटिस दिए गए हैं. इसके साथ ही इन हॉस्पिटल्स के लाइसेंस नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है.
मानक पूरा नहीं होने पर लाइसेंस होगा निलंबित
आगरा सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 45 हॉस्पिटल में चिकित्सकीय मानक अधूरे मिले हैं. इन हॉस्पिटल्स में सेवाएं देने वाले चिकित्सकों से शपथपत्र भी मांगें हैं. इसके साथ ही 27 हॉस्पिटल में आईसीयू एक्सपर्ट, मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट समेत अन्य मानकों को पूरा करने के लिए नोटिस दिए हैं. इसके बाद फिर सत्यापन कराया जाएगा. यदि चिकित्सकीय मानक अधूरे मिले तो इन हॉस्पिटल्स का लाइसेंस निलंबित किया जाएगा.
नॉन मेडिको वाले हैं अधिकांश हॉस्पिटल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए की आगरा शाखा के अध्यक्ष डॉ. पंकज नगायच ने बताया कि जिले में आईएमए के सदस्यों को अपने हॉस्पिटल्स में चिकित्सकीय मानक पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक भी इस बारे की गई है. जिन हॉस्पिटल्स में चिकित्सकीय मानक पूरे नहीं हैं. उनमें अधिकांश हॉस्पिटलस नॉन मेडिको वाले हैं. इस बारे में आगरा सीएमओ को भी सूचना दे दी है.
हॉस्पिटल्स में ये मिली मिलीं खामियां
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब इन हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. भौतिक सत्यापन में इन हॉस्पिटल्स में प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टॉफ, आईसीयू में जीवनरक्षक उपकरण और विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं मिले. इसके साथ ही अग्निशमन उपकरण बंद मिले. कई के पास एनओसी भी नहीं मिली है. मेडिकल वेस्ट बिखरा हुआ था. डॉक्टर के चैंबर और प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरे, बोर्ड पर डॉक्टर्स के नाम, सुविधा और शुल्क, अस्पताल में सेवाएं देने वाले चिकित्सक का शपथपत्र, भर्ती और डिस्चार्ज किए गए मरीजों का विवरण भी नहीं मिला था.
मरीजों की जान से खिलवाड़
आगरा में हॉस्पिटलों में मानकों की कमी के कारण मरीज की जान से खिलवाड़ हो रहा है. हॉस्पिटल्स में आईसीयू हैं तो वहां पर 24 घंटे विशेषज्ञ की तैनाती जरूरी है. सिजेरियन के अलावा अन्य मर्ज के सर्जरी के विशेषज्ञ नहीं होने से आए दिन लोगों की जान जा रही है. ऐसी स्थिति में सीसीटीवी कैमरे से संबंधित चिकित्सक का पता किया जा सकता है, लेकिन ये इंतजाम नहीं मिले. इसी आधार पर 45 हॉस्पिटल्स के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया गया.
