दिल्ली की जहरीली हवा से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर, वॉरियर मॉम्स ने लिखा पत्र, ये की मांग
AQI News: देश की राजधानी दिल्ली में जहरीली हवा में सांस लेने से बच्चों को सुबह जागते ही खांसी, जुकाम जैसी परेशानी हो रही हैं. जिससे माता और पिता चिंतित हैं तो इसकी वजह से स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति कम हो रही है.
नई दिल्ली.
देश की राजधानी में बढ़ रहे वायु प्रदूषण का प्रभाव स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है. जिससे ही दिल्ली के कई स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों की उपस्थिति कम दर्ज की जा रही है. बच्चों को खांसी, जुकाम जैसी परेशानी हो रही है. जिससे बच्चें के माता और पिता में हैं. प्रदूषण की समस्या और बच्चों की परेशानी को लेकर वॉरियर मॉम्स समूह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को बढ़ते प्रदूषण को देखकर 48 घंटे के भीतर ठोस कदम उठाने के लिए पत्र लिखा है. जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य परामर्श जारी करने के लिए अपील की गई है.
बता दें कि देश की राजधानी दिल्ली में वायु की गुणवत्ता बेहद खराब है. वायु गुणवत्ता सूचकांक और पीएम 2.5 की सीमाएं जैसे एक्यूआई 200 और 300 से ऊपर बताई जाएं. इस वायु गुणवत्ता को लेकर बच्चों को घर के अंदर रहना चाहिए. यदि बच्चे घर से बाहर जाए तो मास्क का इस्तेमाल करें. मास्क के प्रकार और चेतावनी संकेत जिन पर बच्चों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है, स्पष्ट किए जाएं.
जहरीली हवा में सांस ले रहे बच्चे
बता दें कि पर्यावरण कार्यकर्ता और वॉरियर मॉम्स से जुड़ी भावरीन कंधारी बताती हैं कि हमारे बच्चे कोई आंकड़े नहीं हैं. इसमें लाखों लोगों में शामिल हैं, जो हर साल दिल्ली क्षेत्र में प्रदूषण संबंधी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं. वॉरियर मॉम्स की ओर से लिखे पत्र में हर साल दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले बच्चे गंभीर प्रदूषण का सामना करते हैं. जिससे उनकी सेहत बुरा असर पड़ रहा है. जिसके चलते ही बच्चे सुबह उठकर खांसते हैं. उन्हें अस्थमा के दौरे आते हैं. जिसकी वजह से स्कूल नहीं जा पाते हैं. खेल के मैदान में भी मास्क पहनते हैं. क्योंकि, बच्चे आज जिस हवा में सांस लेते हैं, वो जहरीली है.
बाल रोग विशेषज्ञ जांच करें
वॉरियर मॉम्स की ओर से लिखे पत्र में कहा गया है कि बाल रोग विशेषज्ञों और बाल चिकित्सा विभागों को दिशा निर्देश जारी किए जाएं कि बच्चों में प्रदूषण से जुड़े अस्थमा और फेफड़ों की क्षमता में कमी के लिए नियमित जांच को प्रोत्साहित करें.
अल्पकालिक और दीर्घकालिक हैं सेहत पर खतरा
वॉरियर मॉम्स समूह ने कहा कि हाल के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वायु गुणवत्ता एक गंभीर चरण में प्रवेश कर चुकी है. कुछ हिस्सों में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया है. यहां तक कि कुछ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 से भी अधिक है. यह पूरी तरह स्पष्ट है कि बच्चे प्रतिदिन ऐसे हानिकारक वायु प्रदूषण के संपर्क में आते हैं जो उनके अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है.
