मां के दूध में कैल्शियम के साथ तमाम विटामिन और मिनरल होते हैं. जो नवजात या शिशु के की सेहत के लिए बेहद जरूरी होते हैं. स्तनपान से जहां महिलाओं को मातृत्व की सुखद अनुभूति होती है. तो उनके दूध से शिशु को एंटीबॉडीज मिलती हैं. जो इम्युनिटी बूस्टर होती हैं.
बदलते मौसम में बच्चों का इम्यून सिस्टम मजबूत होना चाहिए. इम्युनिटी पर ही शुरुआत में बच्चों की ग्रोथ निर्भर करती है. बच्चों की अच्छी ग्रोथ मतलब उसकी डाइट और सेहत पर माता पिता ने बेहतर ध्यान दिया. अब मानसून में जब सबसे ज्यादा हार्मफुल बैक्टीरियाज और जर्म खूब एक्टिव रहते हैं तो तब ज्यादा ध्यान…
देश में 67681 बच्चों ने नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप जीती है. इसमें 9वीं से आगे तक की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है. हर साल चयनित बच्चे को अपने रिनुअल के लिए आवेदन करना होगा.
विटामिन-ए वसा में घुलनशील विटामिन है. जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. अभियान मेें सभी अभिभावक अपने नौ माह से पांच साल तक की उम्र के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक अवश्य पिलाएं.
निरोगी काया के लिए योगासन बेहद जरूरी हैं. योग चिकित्सा हमारी प्राचीन काल की है. यह वैदिक चिकित्सा है. इस चिकित्सा से उपचार करने पर लोगों को तमाम असाध्य रोगों में लाभ मिलता है.
मंकीपॉक्स का संक्रमण कोरोना के संक्रमण से कम संक्रामक है. लेकिन, इसमें भी बच्चों पर ज्यादा जोखिम है. चलिए जानते हैं कि, बच्चों से लेकर बुजुर्गों को मंकी पॉक्स से बचाव के लिए क्या करना चाहिए ? पुरुषों के लिए डब्ल्यूएचओ की क्या सलाह है?
डीएम आगरा की ओर से पत्र जारी किया गया है. जिसके जरिए सभी ग्राम प्रधानों से अपील की है कि, ग्राम सभा, ग्राम पंचायत की बैठक और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) की बैठक में लोगों को मानसिक स्वास्थ्य विषयक समस्या पर चर्चा करें.
दो बच्चों के जन्म में कम से कम तीन साल का अंतर रखने में यह अंतरा बेहतर विकल्प है. इसकी डोज प्रत्येक तीन माह में एक बार लेनी होती है.
र, यूरोपीय देशों और अमेरिका में चेचक का टीका लगाकर इसका इलाज किया जा रहा है. यूरोपीय देश इम्वेनेक्स वैक्सीन लगा रहे हैं. इसे डेनिश दवा कंपनी बवेरियन नॉर्डिक ने तैयार किया है. जाइनॉस की भी दो खुराक दी जा रही है.
सुपोषण दिवस पर गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई. गोद भराई कार्यक्रम को बेहतरीन बनाने के लिए लोक गीत भी गाए गए. इन लोक गीत के जरिए भी लोगों को सही पोषण देने और लेने को लेकर जागरूक किया.
