Dengue In Monsoon: बारिश में डेंगू ने दस्तक दे दी है. प्रदेश के साथ ही आगरा में भी डेंगू के मरीजों की संख्या बढ रही है. जिले में दो बच्चियों की मौत से खलबली मची हुई है. उसी गांव में सात और डेंगू संक्रमित मरीज मिले हैं.
आगरा, उत्तर प्रदेश.
Dengue In Monsoon: आगरा में डेंगू की दस्तक (Dengue In Monsoon) से ग्रामीण दहशत में हैं. जिले के शमसाबाद थाना क्षेत्र में स्थित गांव बड़ोवरा कला में डेंगू से बच्ची और किशोरी की मौत की पुष्टि हुई है. जब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बच्ची और किशोरी की मौत के बाद रविवार को गांव में डेरा डाल दिया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 100 से अधिक लोगों की जांच कराई. जिनमें सात और लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई है. जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं.
बता दें कि गांव बड़ोवरा कला निवासी रामप्रकाश की 5 साल की बेटी अन्नू की आठ अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी. बुखार के चलते बच्ची का निजी अस्पताल में इलाज कराया और जांच कराई. मगर, जांच रिपोर्ट आने से पहले आठ अगस्त को बच्ची की मौत हो गई. जांच रिपोर्ट में बच्ची को डेंगू की पुष्टि हुई है. इससे पहले गांव में पांच अगस्त को मुनिया जादौन की 15 वर्षीय बेटी रागिनी की भी बुखार आने से मौत हो गई थी. डेंगू से मौत की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया. स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शनिवार व रविवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया. जिसमें 100 से अधिक लोगों की जांच की गई. प्रारंभिक जांच में 7 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.

350 घरों के आसपास सेनेटाइजेशन कराया
आगरा सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जिन मरीजों की डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आई है. वे सभी मरीज उसी गली के हैं जिनमें बच्चियां रहती थीं. इसके साथ ही 76 लोगों के नमूने नेशनल वायरलॉजी लैब के लिए इकट्ठे किए गए हैं. इन्हें लैब में भेजा जा रहा है. डेंगू और मलेरिया को लेकर करीब 50 घरों में अंदर और बाहर फॉगिंग, एंटी लारवा स्प्रे कराया गया है. इसके साथ ही 350 घरों के आसपास सेनेटाइजेशन कराया गया है. संक्रमितों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं.

वायरल लोड की भी होगी जांच
आगरा सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के दौरान कई लोगों को बुखार भी पाया गया है. वायरल में म्यूटेशन की आशंका भी है. इसके साथ में ही डेंगू का मामला भी सामने हैं. इसलिए लोगों का वायरल लोड भी जांच कराई जा रही है. इसके लिए भी अलग से खून के सैंपल भी लिए गए हैं. म्यूटेशन की दशा में विभाग की ओर से इलाज का प्रोटोकाल जारी किया जाएगा. विभाग प्रभावितों को दवाइयां भी उपलब्ध कराएगा.
