शादी के बाद हर कपल का सपना घर में हेल्दी शिशु की किलकारी गूंजने का होता है. घर में शिशु के आगमन का स्वागत पति और पत्नी करते हैं. मगर, मां का लगाव अपनी हर संतान से पिता के मुकाबले ज्यादा लगाव होता है. आज 8 मई यानी मदर्स डे है. मां को सम्मान देने को यह दिन मनाया जाता है. शिशु के जीवन में मां की भूमिका सबसे अहम होती है. भारत के साथ ही अन्य देशों में भी मदर्स डे धूमधाम से मनाया जाता है.
सन 1914 से हुई थी मदर्स डे की शुरूआत

बता दें कि, सन 1914 में औपचारिक तौर पर मदर्स डे की शुरूआत हुई थी. तभी से मदर्स डे दुनियाभर में मई माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है. इस साल 2022 में मदर्स डे 8 मई को मनाया जा रहा है.
अमेरिकी एना जार्विस ने मनाया था पहला मदर्स डे
दरअसल, मदर्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिकी महिला एना जार्विस ने की थी. एना जार्विस का आदर्श उसकी मां थी. वह मां से बहुत प्यार करती थी. जब एना जार्विस की मां की निधन हुआ तो उसने कभी शादी न करने करके मां के नाम जिंदगी को समर्पित करने का फैसला किया था. एना जार्विस ने मां के सम्मान में मदर्स डे मनाने की शुरुआत की. एना जार्विस की पहल पर 8 मई 1914 को संयुक्त राज्य अमेरिका की संसद ने मई के दूसरे रविवार को ‘मदर्स डे’ मनाने की घोषणा कर दी. एना कदम के बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति वुड्रो विल्सन ने 9 मई 1914 में मदर्स डे मनाने की औपचारिक शुरुआत और इस दिन का अवकाश भी घोषित किया था. अब अमेरिका समेत यूरोप, भारत और कई अन्य देशों ने भी मदस डे मनाया जाता है.

मदर्स डे मनाने की वजह
बता दें कि, बिना किसी शर्त और स्वार्थ के मां अपने शिशु को प्यार करती है. मां ही अपनी कोख में नौ माह तक शिशु ख्याल रखती है. धरती पर भगवान का दूसरा नाम और गुरु मां होती है. मां के त्याग और बलिदान को स्मरण रखने के लिए हर साल मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है. पिछले कुछ दशकों में मां को समर्पित यह दिन बहुत खास तरीके से मनाया जाता है. इस दिन अधिकतर लोग अपनी मां के संग बिताते हैं. उन्हें गिफ्ट या कुछ सरप्राइज देते हैं. पार्टी करने के साथ मां को बधाई देते हैं.