SNMC Agra: आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में लगातार नई सुविधाएं और तकनीकि से मरीजों का उपचार किया जा रहा है. डॉक्टर्स की टीम ने कई घंटे की सर्जरी करके बच्चा का हाथ कटने से बचाया है.
आगरा, उत्तर प्रदेश.
SNMC Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा में गांव धनोली में ऊँचाई से खेलने के दौरान छह साल का बच्चा गिर गया. जिससे बच्चा के दाहिने हाथ की हड्डी टूट गई. जिसकी वजह से बच्चा के हाथ में असहनीय दर्द था. परिवार ने बच्चा का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया. मगर, उसे कोई लाभ नहीं मिला तो परिजन अपने साथ बच्चा को एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए. जिस पर डॉक्टर्स की टीम ने बच्चा की जांच की और उसकी सीटी एंजियोग्राफी जांच कराई. जिसमें बच्चा के हाथ की टूटी हड्डी (सुप्राकॉन्डायलर फ्रैक्चर) के कारण बच्चे की दाहिनी भुजा की मुख्य रक्त नली ब्रैकियल आर्टरी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी हुई.
बच्चा की जांच रिपोर्ट देखकर एसएनएमसी के ऑर्थोपेडिक्स एवं सीटीवीएस विभाग की टीमों ने बच्चा की तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया. क्योंकि, बच्चा के हाथ की मुख्य रक्त नली ब्रैकियल आर्टरी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने से हाथ में रक्त प्रवाह पूरी तरह बंद गया था. जिसकी वजह से बच्चा को अत्यधिक दर्द हो रहा था. यदि समय रहते उचित उपचार ना मिलता तो हाथ में गैंग्रीन होने के साथ ही हाथ काटने (अम्प्यूटेशन) जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती थी.

SNMC Agra: बच्चा की तत्काल दो सर्जरी की गईं
एसएनएमसी के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष के डॉ. अमृत गोयल ने पहले अपनी टीम के साथ ही बच्चा के हाथ की टूटी हड्डी को सर्जरी करके फिक्स किया. इसके बाद एसएनएमसी के कार्डियो-थोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने अपनी टीम के साथ बच्चा की कटी ब्रैकियल आर्टरी को उसके ही पैर से निकाली नस (सैफेनस वेन) से जोड़कर हाथ की नई रक्त नली बनाई गई. कहें तो ये ब्रैकियल आर्टरी रिकंस्ट्रक्शन विद इंटरपोज़िशन वेन ग्राफ्ट मेडिकल भाषा में कहा जाता है.
दिल्ली या जयपुर जाने की जरूरत नहीं
डॉ. अमृत गोयल और डॉ. सुशील सिंघल ने बताया कि बच्चा की दोनों सर्जरी पूरी तरह सफल रहीं है. ऑपरेशन के बाद बच्चे के हाथ में पुनः रक्त प्रवाह प्रारंभ हो गया. उसे दर्द से राहत मिली. समय पर सर्जरी होने से बच्चे का हाथ कटने से बच गया. वर्तमान में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इसके साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएनएमसी में लगातार इस प्रकार की जटिल एवं अत्याधुनिक सर्जरी हो रही हैं. जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है. उन्हें ऐसी जटिल सर्जरी के लिए अब दिल्ली या जयपुर जाने की आवश्यकता नहीं है.
ऑपरेशन करने वाली टीम
ऑर्थोपेडिक्स विभाग:
डॉ. अमृत गोयल
डॉ मयूर
एवं टीम
सीटीवीएस विभाग
डॉ. सुशील सिंघल, डॉ. अनुज गर्ग
एनेस्थीसिया टीम
डॉ. प्रभा, डॉ. शाहिद, डॉ. अनुकृति
