SNMC Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा में SNMC के डॉक्टर्स ने 17 वर्षीय किशोर के हृदय की मुख्य धमनी (एओर्टा) में आई अत्यंत गंभीर रुकावट की स्टेंटिंग करके ठीक की है.
आगरा, उत्तर प्रदेश।
SNMC Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा में एसएन मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी के कॉर्डियोलॉजी विभाग ने एक किशोर को नई जिंदगी दी है. 17 वर्षीय किशोर लंबे समय से हृदय की मुख्य धमनी (एओर्टा) में आई अत्यंत गंभीर रुकावट की वजह से परेशानी जूझ रहा था. जब एसएन मेडिकलज कॉलेज आया तो एसएनएमसी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु यादव ने किशोर की हृदय की मुख्य धमनी (एओर्टा) में आई अत्यंत गंभीर रुकावट को स्टेंटिंग के जरिए सफलतापूर्वक ठीक किया है. इस तरह की सर्जरी आगरा और आसपास के समूचे क्षेत्र में पहला सफल केस है.
एसएनएमसी के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि 17 वर्षीय मरीज पिछले काफी समय से ‘रेसिस्टेंट हाइपरटेंशन’ से पीड़ित था. जिसकी वजह से मरीज का ब्लड प्रेशर (BP) ऊपर के अंगों में 240/120 तक पहुंच जाता था. जबकि पैरों में बीपी रिकॉर्ड ही नहीं हो पाता था. इस गंभीर स्थिति के कारण महज 17 साल की उम्र में उसे 3 माह पहले ब्रेन हैमरेज (इन्ट्रारेब्रल हैमरेज) भी हो चुका था.

SNMC Agra: जटिल डायग्नोसिस और सफल प्रक्रिया
मेडिसिन विभाग के डॉ. शिवांग शर्मा और डॉ. हरि सिंह ने गहन जांच के बाद मरीज को ‘कोआर्कटेशन ऑफ एओर्टा’ (Coarctation of Aorta) से ग्रसित पाया. जिसमें ही उसकी मुख्य धमनी में लगभग 99% तक रुकावट थी. जो बाल के बराबर पतली रह गई थी. दो सप्ताह की विस्तृत योजना और होमवर्क के बाद कॉडियोलिस्ट डॉ. हिमांशु यादव ने बिना किसी बाहरी विशेषज्ञ की मदद के स्वयं इस जटिल स्टेंटिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया. ऑपरेशन के बाद अब धमनी में रक्त का प्रवाह पूरी तरह सामान्य है और मरीज स्वस्थ है. इस सफल प्रक्रिया में डॉ. हिमांशु यादव, डॉ. शिवांग शर्मा, डॉ. हरि सिंह और उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा.
असाध्य योजना ने बचाई जान
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने किशोर मरीज की सफल सर्जरी करने वाली टीम को बधाई थी. उन्होंने बताया कि एसएनएमसी में जिस मरीज की सर्जरी की गई है. उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी. निजी अस्पतालों में इस सर्जरी में करीब 5 लाख रुपये से अधिक का खर्च आता है. जबकि, एसएन मेडिकल कॉलेज में यह ऑपरेशन ‘असाध्य रोग योजना’ के तहत पूरी तरह निःशुल्क हुआ है. प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि आगरा और हमारे मेडिकल कॉलेज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. हमारे डॉक्टर्स की टीम ने ये साबित कर दिया है कि बिना किसी बाहरी सहयोग के भी जटिल से जटिल चुनौती से निपटने में सक्षम हैं. संस्थान का लक्ष्य है कि अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचे. शासन की योजनाओं के माध्यम से हम ऐसे दुर्लभ ऑपरेशन निःशुल्क करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

