दिल्ली एम्स प्लास्टिक सर्जरी कराने के लिए 50 फीसदी से अधिक मरीज ट्रॉमा से आते हैं. जिनकी प्लास्टिक सर्जरी जटिल होती है. देश में लगभग 2500 प्रशिक्षित प्लास्टिक सर्जन हैं. जो अपनी कार्य कुशलता से लोगों की जिंदगी संवार रहे हैं.
यूरोप में 21 दिन तक 64 लोगों पर रिसर्च की गई. जिसमें भूख के स्तर और भावनात्मक स्वास्थ्य को विभिन्न पैमानों से मापा. ऐप के जरिए हर प्रतिभागी में भूख स्तर की रोजाना पांच बार रिपोर्ट दर्ज की गई. जिसमें चिड़चिड़ापन और क्रोध में वृद्धि देखी गई.
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में दिल्ली एम्स का एक रिसर्च पेपर प्रकाशित हुआ है. जो भारत समेत दुनियाभर के लोगों में कोरोना संक्रमण के बाद होने वाली पेट से जुड़ी बीमारियों पर की गई स्टडी पर आधारित है.
नैरोबी फ़्लाई (नैरोबी मक्खी) अफ्रीकन मूल की है. जो सात हजार किलोमीटर दूर से यहां पर आई है. यह नैरोबी मक्खियां अफ्रीका से सिक्कम और उत्तर बंगाल होकर अब बिहार में प्रवेश कर चुकी हैं.
आज कोल्ड ड्रिंक्स पीना एक स्टेटस सिंबल है. घर में पार्टी हो या लांग ड्राइव. हर किसी की पसंद कोल्ड-ड्रिंक्स ही होती है. कोल्ड-ड्रिंक्स अधिक पीने के साइड इफेक्ट्स भी बहुत हैं. इससे मोटापा और मेमोरी लॉस का भी खतरा रहता है.
वीडियो को लेकर यूजर ने लिखा है, ‘बाल विवाह ही ठीक था…अब तो विवाह तक बाल ही नहीं बचते’. तो दूसरे अन्य यूजर ने लिखा, ‘मुझे नहीं पता कि आप क्या कह रहे हैं, लेकिन सुनने में अच्छा लग रहा है’.
रिसर्चर ने अपनी स्टडी में पांच लाख लोग शामिल किए. जो सीमित मात्रा से अधिक नमक का सेवन करते थे. स्टडी के मुताबिक, अतिरिक्त नमक का सेवन करने वालों की मौत का जोखिम अधिक होता है. रिसर्च में पहली बार नमक के सेवन और मृत्यु दर में संबंध सामने आया है.
आगरा शहर में आठ मास्टर कोच ही परिवार नियोजन के उपायों को बेहतर तरीके से समुदाय तक पहुंचाने में आशाओं और स्टाफ की मदद करेंगे. बैछक में प्ले ग्राउंड रणनीति पर भी चर्चा हुई. इसके लिए पांच शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया है.
जिले में मंगलवार से अंत्योदय आयुष्मान पखवाड़े की शुरूआत हुई है. पखवाड़े में 20 जुलाई तक शत प्रतिशत अंत्योदय लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है. इसलिए इसमें जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा.
डायटीशियन की मानें तो हमें अपनी डाइट में कच्ची, ताजी सब्जियां भी शामिल करनी चाहिए. यदि हम इन मौसमी सब्जियों का जूस पिएं तो सेहत के लिए और बेहतर रहेगा. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि, ताजी सब्जियों के जूस के ही लाभप्रद होता है.
