DGCI ने 28 दिसंबर 2021 को वयस्कों में आपातकालीन स्थिति में सीमित उपयोग के लिए कोवोवैक्स को मंजूरी दी थी. 9 मार्च 2022 को कुछ शर्तों के अधीन 12 से 17 वर्ष आयु वर्ग में भी इसके उपयोग को मंजूरी दी.
आगरा में अधिकारी जिले के 171 आंगनबाड़ी केंद्र गोद लेेकर वहां पर सुवधाएं जुटाकर आदर्श बनाएंगे. आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली, पानी, साफ-सफाई समेत बच्चों के खेलने-कूदने की बेहतर व्यवस्था की जाएगी.
दुनियां में 30 फीसदी मरीजों में कैंसर का पता सही समय पर नहीं हो पाता है. आंकड़ों की करें तो दुनियां मेंं 28 लाख लोगों की मौत कैंसर की वजह से हुई है. इसके साथ ही 2040 तक दुनियाभर में कैंसर के मरीजों की संख्या हो जाएगी.
हर साल बारिश के मौसम में मलेरिया, बुखार और अन्य बीमारियां लोगों को चपेट में लेती हैं. इसलिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान चलाए जाते हैं.
फतेहपुर सीकरी के पंच महल में योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें सभी धर्म के हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे. योग सेहत और सलामती की गोल्डन की है. योगा पूरी दुनियां की मानवता के लिए, इंसानियत के सौहदर्य, स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए बेहतरीन गिफ्ट है.
NFHS-5 रिपोर्ट के मुताबिक, गांव की महिला और पुरुषों की तुलना में शहर की महिलाएं और पुरुषों अधिक मोटापे से ग्रसित हैं. मगर, गांवों में भी मोटापे की गिरफ्त में महिला और पुरुष तेजी से आ रहे हैं.
लगातार आठ घंटे तक एक ही जगह पर बैठकर कार्य करने वालों को चिकित्सकों की सलाह है कि, वे हर दो घंटे में काम छोडकर टहलें. इसके साथ ही काम शुरू करने से पहले और बाद में 30 मिनट तक व्यायाम जरूरी करें. जिससे तमाम बीमारियां दूर रहेंगी.
साल 2019 में जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को 2012 से 2030 के बीच मानसिक स्वास्थ्य की खराब स्थिति के कारण 1.03 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान होगा.
परिवार नियोजन कार्यक्रम की मुहिम में पुरुषों की सहभागिता की जरूरी है. सास, बहू और बेटा सम्मेलन के जरिए सास और बहू के बीच संबंध, समन्वय और संवाद के जरिये बेटे के सहयोग से परिवार नियोजन को लेकर बेहतर माहौल बनाना है.
हम वजन की बात करें तो यूपी के बच्चे ज्यादा हट्टे-कट्टे हैं. यानी यूपी के बच्चे हेल्दी हैं. उनका वजन सही है. जबकि, यूपी के बच्चों की तुलना में बिहार, झारखण्ड, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों के बच्चों का वजन कम है.
