देश में मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ रही है. जबकि, देश में मनोरोग विशेषज्ञों की कमी है. इस वजह से दूरदराज के क्षेत्रों में मानसिक रोगियों को उपचार नहीं मिल रहा है.
हिन्दुकुश रीजन में हर दस साल में औसतन आधे दिन के हिसाब से ठंडी रातों की अवधि घट रही है. इसका असर सीधा असर अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, नेपाल, म्यांमार, पाक, भारत के 3500 किमी लंबे भू-भाग पर पड़ रहा है.
टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु से होता है. टीबी प्रमुख रूप से दो तरह की होती है. पहली पल्मोनरी टीबी और दूसरी एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी है. टीबी रोगी के संपर्क में आने वाले परिवार के लोगों को भी टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) दी जा रही है. वैसे भी
अक्सर करके बच्चे कुछ भी उठाकर मुंह में डाल लेते हैं. या फिर नंगे पांव ही संक्रमित स्थानों पर चले जाते हैं. जिससे उनके पेट में कीड़े पनप जाते हैं. इसलिए एल्बेन्डाजॉल खाने से बच्चों के पेट में पनपे कीड़े पेट से बाहर हो जाते हैं.
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग की तीन साल तक चली रिसर्च के बाद विशेषज्ञों ने भारत के लोगों में घुटना ट्रांसप्लांट को इम्प्लांट के मानक बदल दिए हैं. यह रिसर्च इंडियन जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक में मंजूर की गई है.
रात में पसीना आना भी कोविड संक्रमण का नया लक्षण है. ब्रिटेन में हाल में ऐसे कोरोना संक्रमित मिले हैं. जो ओमीक्रोन बीए.5 सब-वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं.
हरियाली वाले क्षेत्र में रहने वाले बच्चों का आईक्यू का स्कोर 105 था. जबकि, आईक्यू का स्कोर 80 से कम वाले बच्चों में 4 फीसदी बच्चे हरियाली के निम्न स्तर वाले क्षेत्रों में मिले. सामान्य तौर पर देखा जाए तो आईक्यू का स्कोर 90 से 110 के बीच में होता है.
इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन ने इस दुर्लभ रक्त समूह का नाम ईएमएम निगेटिव रखा है. इसमें ईएमएम नहीं होता है. ईएमएम लाल रक्त कोशिकाओं में एंटीजन होता है. इस रक्त समूह के व्यक्ति न किसी को खून दे सकते हैं और न ही उन्हें किसी का खून चढ़ाया जा सकता है.
यूरोप में 21 दिन तक 64 लोगों पर रिसर्च की गई. जिसमें भूख के स्तर और भावनात्मक स्वास्थ्य को विभिन्न पैमानों से मापा. ऐप के जरिए हर प्रतिभागी में भूख स्तर की रोजाना पांच बार रिपोर्ट दर्ज की गई. जिसमें चिड़चिड़ापन और क्रोध में वृद्धि देखी गई.
आगरा शहर में आठ मास्टर कोच ही परिवार नियोजन के उपायों को बेहतर तरीके से समुदाय तक पहुंचाने में आशाओं और स्टाफ की मदद करेंगे. बैछक में प्ले ग्राउंड रणनीति पर भी चर्चा हुई. इसके लिए पांच शहरी स्वास्थ्य केंद्रों को चयनित किया है.
