यूरोप में 21 दिन तक 64 लोगों पर रिसर्च की गई. जिसमें भूख के स्तर और भावनात्मक स्वास्थ्य को विभिन्न पैमानों से मापा. ऐप के जरिए हर प्रतिभागी में भूख स्तर की रोजाना पांच बार रिपोर्ट दर्ज की गई. जिसमें चिड़चिड़ापन और क्रोध में वृद्धि देखी गई.
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में दिल्ली एम्स का एक रिसर्च पेपर प्रकाशित हुआ है. जो भारत समेत दुनियाभर के लोगों में कोरोना संक्रमण के बाद होने वाली पेट से जुड़ी बीमारियों पर की गई स्टडी पर आधारित है.
नैरोबी फ़्लाई (नैरोबी मक्खी) अफ्रीकन मूल की है. जो सात हजार किलोमीटर दूर से यहां पर आई है. यह नैरोबी मक्खियां अफ्रीका से सिक्कम और उत्तर बंगाल होकर अब बिहार में प्रवेश कर चुकी हैं.
जिले में मंगलवार से अंत्योदय आयुष्मान पखवाड़े की शुरूआत हुई है. पखवाड़े में 20 जुलाई तक शत प्रतिशत अंत्योदय लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है. इसलिए इसमें जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा.
डायटीशियन की मानें तो हमें अपनी डाइट में कच्ची, ताजी सब्जियां भी शामिल करनी चाहिए. यदि हम इन मौसमी सब्जियों का जूस पिएं तो सेहत के लिए और बेहतर रहेगा. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि, ताजी सब्जियों के जूस के ही लाभप्रद होता है.
सेना में भर्ती होने के बाद डॉ. एमसी डावर ने अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया. सन 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई. तब उनकी पोस्टिंग बांग्लादेश में थी. डॉ. डावर बताते हैं कि, मैंने न जाने कितने घायल जवानों का इलाज किया.
नई दिल्ली. आज डॉक्टर्स डे है. आज mobycapsule.com उन चिकित्सकों की कहानी लेकर आया है. जिन्होंने विपरीत परिस्थिति में काम किया. संघर्ष किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई. इस खबर में एम्स के दो डॉक्टर्स के संघर्ष की कहानी है. इनमें एक ने पढ़ाई करने के लिए बचपन में सब्जी बेची, मजदूरी की, सीमेंट…
आगरा में बच्चों की बदली फूड हेविट से उन्हें पेट में दर्द, उल्टी दस्त, अपच, पीलिया, हीमोग्लोबिन कम होना, पेट में अल्सर की शिकायत जैसी अन्य परेशानी सता रही हैं. इसलिए बच्चों को फास्ट-जंक फूड देने से परहेज करें.
भारत में अमेरिका से ज्यादा मानवीय गर्भपात की व्यवस्था है. भले ही भारत में गर्भपात करना गैरकानूनी है. लेकिन, विशेष परिस्थिति के लिए कोर्ट की इजाजत से ही अबॉर्शन कराया जाता है.
लंदन की ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी’ के रिसर्चर ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि, नेता का जीवन काल आम आदमी से ज्यादा है. जबकि, 19 वीं सदी के अंत तक नेता और आम आदमी की मत्युदर समान थी.
