. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उपचार के बाद डिसचार्ज किए मरीज को पुन भर्ती कराया और उन्होंने प्राचार्य डॉ. प्रशाांत गुप्ता को निर्देश दिए कि, अव्यवस्थाएं जल्द सुधार लें. इलाज में लापरवाही और मरीजों के साथ गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
गर्मियों के मौसम में इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की कमी की वजह से डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम होती है. इसलिए गर्मी में खुद के साथ ही बच्चों की डायट पर ध्यान दें. उन्हें हेल्दी व सुपाच्य भोजन के साथ ही खूब पानी पिलाएं. बच्चों के खानपान से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी के लिए mobycapsule.com विजिट करें…
उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू के थपेडे कहर ढा रहे हैं. जिससे मानव, पशु और पक्षी सभी बेहाल हैं. इस गर्मी में 5 तरह की परेशानी लोगों को सता रही हैं. इसलिए हमें इससे बचाव के लिए यह आसान उपाय करने चाहिए.
सीएमएस ने आरोपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. मगर, अभी तक जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ रकाबगंज थाना पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है. इस बारे में यह बात सामने आ रही है कि, अस्पताल में एक्टिव शहर के एक माननीय के रिश्तेदार का आरोपी करीबी है.
केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं यूपी में गरीबों की जिंदगी बदल रही हैं. आगरा में 45 वर्षीय अनवारी और 11 साल के शिवा को सरकार की आयुष्मान योजना ने नई जिंदगी दी है. इलाज के अभाव में अनवारी और शिवा असहनीय दर्द और तकलीफ सह रहे थे.
सन 1922 में सोवियत संघ ने नेशनल पॉलिसी में कुछ सेक्टर्स में पीरियड लीव देना शुरू कर दिया था. इंडोनेशिया में पीरियड्स लीव की शुरुआत सन 1948 में हुई थी. इसके बाद तमाम देश में महिलाओं का दर्द समझकर पीरियड्स लीव देने का प्रावधान किया है. जिसकी वजह से आज ऑस्ट्रेलिया, चीन, रूस, ब्रिटेन, ताइवान,…
सीटीजी आम तौर पर गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में कराया जाता है. यह एक सामान्य टेस्ट है. जिसमें दर्द नहीं होता और न ही शरीर में अंदर कुछ डाला जाता है. यह जांच गर्भावस्था के दौरान शिशु की स्थिति जानने के लिए होती है.
आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में हर साल तंत्रिका संबंधी विकार से लाखों लोग प्रभावित होते हैं. वैज्ञानिकों ने समय और घर बैठे ही मोबाइल से न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याएं पता हों. इसके लिए शोधकर्ताओं ने एक ऐसा मोबाइल एप बनाया है. जिसकी मदद से न्यूरोलॉजिकल विकारों का आसानी से पता लगाया जा सकता है.
प्लास्टिक सर्जन डॉ. ओमकांत गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल, डॉ. ओमकांत गुप्ता, डॉ. अजय सिंहल, डॉ. मनीष शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल और एनेस्थीसिया के डॉ. जेके अल्वी ने ऑपरेशन की प्लानिंग की. पांच सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने 10 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में कटा हाथ जोड़ दिया.
गर्मी में प्रेग्नेंट महिलाएं सतर्क रहें. भीषण गर्मी और लू में खुद का ख्याल रखें. दोपहर में घर से निकलने से परहेज करें. आयुर्वेदाचार्य डॉ चन्द्र प्रकाश दीक्षित ने कुछ घरेलू उपाय बताए हैं. जिसके मुताबिक, प्रेग्नेंसी की शुरूआती स्टेज में प्रेग्नेंट महिलाएं गर्मी और हीट स्ट्रोक से बच सकती हैं.
