आगरा.
आगरा में फतेहबाद रोड स्थित फाइव स्टार होटल जेपी पैलेस में सोमवर देर शाम नेटकॉन-2023 (Natcon-2023) का शुभारंभ हो गया. यह तीन दिवसीय नेटकॉन ट्यूबरक्लोसिस एसोसिएशन ऑफ इंडिया की डिपार्टमेंट ऑफ ट्यूबरक्लोसिस एंड रेस्पीरेटरी डिजीज, एसएन मेडिकल कालेज व यूपी टीबी एसोसिएशन एंड द यूनियन साउथ ईस्ट एशिया रीजन के सहयोग से की जा…
आगरा में तीन दिवसीय नेटकॉन 2023 का आयोजन किया जा रहा है. यह 77वीं नेशनल कांफ्रेंस ऑफ ट्यूबरक्लोसिस एंड चेस्ट डिजीज नेटकाॅन है. जो होटल जेपी में हो रही है.
ब्रज में टीबी को मात देने के लिए चना, सत्तू व मूंगफली से बने पौष्टिक आहार की पुस्तिका तैयार की गई है. यह काम मडोना रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन ने किया है.
टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु से होता है. टीबी प्रमुख रूप से दो तरह की होती है. पहली पल्मोनरी टीबी और दूसरी एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी है. टीबी रोगी के संपर्क में आने वाले परिवार के लोगों को भी टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) दी जा रही है. वैसे भी
पहली पल्मोनरी टीबी और दूसरी एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी की बीमारी होती है. पल्मोनरी टीबी में फेफड़े संक्रमित होते हैं. जिसकी वजह से इसकी फैलने की आशंका रहती है. जबकि, एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी में फेफड़ों के बजाय शरीर के अन्य अंगों पर असर होता है.
टीबी चैंपियन अब क्षय रोग के प्रति जागरूकता करेंगे. जिससे टीबी को लेकर व्याप्त भेदभाव और भ्रांतियां दूर हों. इसके लिए टीबी चैंपियन अब पोस्टर, पंपलेट, बैज और टैटू का सहारा लेंगे.
, टीबी का इलाज है. इस रोग को हम मात दे सकते हैं. यह कोई मुश्किल काम नहीं है. इसके लिए हमें बस नियमित दवाओं का सेवन करना है. खुद की साफ स फाई रखें और इलाज के दौरान जरूरी परहेज भी करें.
टीबी रोग को जड़ से खत्म करने की मुहिम में आयुष चिकित्सकों की अहम भूमिका रहेगी. इसलिा सरकार ने यूपी में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी चिकित्सक हैं, जो निजी क्लीनिक संचालक हैं. वे भी अब टीबी मरीजों की सूचना भी निःक्षय पोर्टल पर दर्ज करेंगे.
