Homeopathy; आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित होटल में इंडियन इंस्टीट्यूट आफ होम्योपैथिक फिजीशियंस की आगरा शाखा की सीएमई में चिकित्सक जुटे. जिन्होंने होम्योपैथी के ब्रेन हेमरेज में कारगर होने पर चर्चा की.
आगरा, उत्तर प्रदेश.
Homeopathy; होम्योपैथी अब सिर्फ असाध्य रोगों में ही नहीं, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा (Homeopathy) में भी अच्छा परिणाम दे रही है. कई नए शोधों से यह पता चला है. इसलिए, इस पद्धति को और आगे बढ़ाने के लिए लगातार और उन्नत शोधकार्यों की जरूरत है। नई दवाएं भी बनानी होंगी. आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित होटल में रविवार शाम इंडियन इंस्टीट्यूट आफ होम्योपैथिक फिजीशियंस (Indian Institute of Homeopathic Physicians’) की सीएमई में आपातकालीन स्थितियों के प्रबंधन पर चर्चा की गई. जिसमें मुख्य वक्ता डॉ. पवन पारीक रहे.
मुख्य वक्ता डॉ. पवन पारीक ने बताया कि मौजूदा समय की बात करे तो लोगों को इस पद्धति की विशेष जरूरत है. यह कम दुष्प्रभावों के साथ बीमारियों के मूल कारणों को खत्म करती है. आपातकालीन परिस्थितियों में दवाइयों से ब्रेन हेमरेज में भी उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं. होम्योपैथ के क्षेत्र में नए शोधकार्यों को बढ़ावा देने की जरूरत है. इस दिशा में केंद्रीय होम्योपैथ अनुसंधान संस्थान समेत कई संस्थाएं काम कर रही हैं.

Homeopathy; रोगियों को बेहतर इलाज संभव
सीएमई में विशिष्ट अतिथि नेशनल चीफ को-आर्डीनेटर डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से इस पद्धति का वैज्ञानिक विकास होगा. अनुसंधानों को बढ़ावा मिलेगा. इससे रोगियों को बेहतर इलाज संभव हो सकता है. सीएमई की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष डॉ. एच पाल और संचालन डॉ. नाहर सिंह ने किया.
यह रहे मौजूद
सीएमई में डॉ. ओमकार सिंह, डॉ. अशोक वार्ष्णेय, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. ओपी श्रीवास्तव, डॉ. ज्ञानेश पुरोहित, डॉ. अशोक सिंह चौहान, डॉ. सुनील झा, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. सुभाष गुप्ता, डॉ. हरेंद्र सिंह तोमर, डॉ. देवप्रकाश राठौड़, डॉ. रोचक मिश्रा, डॉ. राजेंद्र सिंह राजपूत, डॉ. विजय सिसोदिया, डॉ. विष्णु तोमर, अनिल शर्मा, सुनील कुमार समेत अन्य मौजूद रहे.

