UP News: 13 मेडिकल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कोतवाली थाना में तीन तहरीर दी गई हैं. जिससे दवा कारोबारियों में खलबली मची हुई है.
आगरा, उत्तर प्रदेश.
UP News: यूपी सरकार में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने आगरा में छापा मार कार्रवाई करके नकली और सरकारी दवाओं की तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट का पर्दाफॉश किया है. जिसमें तीसरे चरण की छापामार कार्रवाई में आगरा की 13 मेडिकल फर्मों पर कार्रवाई की गई. जिसमें छानबीन और जांच के बाद दो गोदाम सील करके दो फर्मों से दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है. इसके साथ ही शनिवार देर शाम 13 मेडिकल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कोतवाली थाना में तीन तहरीर दी गई हैं. जिससे दवा कारोबारियों में खलबली मची हुई है. एफएसडीए अब तक आगरा में तीन चरण की कार्रवाई करके थोक की 58 मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त किए हैं.
बता दें कि एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने शुक्रवार को 15 औषधि निरीक्षकों की टीम के साथ आगरा में छापा मार कार्रवाई की. जिसमें औषधि निरीक्षकों की टीमों ने कम्मूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार, नवाबिया मार्केट समेत 10 बाजारों में स्थित 13 फर्मों और उनके गोदामों पर एक साथ छापा मारा. एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि कम्मूटोला में मोहन ट्रेडर्स, प्रशांत मेडिकल, वंश फार्मा, डॉली ड्रग हाउस, नूर फार्मा, इनाया फार्मा पर छापामार कार्रवासई के साथ ही मुबारक महल में मनी मेडिकल एजेंसी, एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस, नीलकंठ मेडिको कृष्णा कॉम्प्लेक्स में, पोरवाल मेडिकेयर शू मार्केट में, मनु फार्मा कोतवाली के सामने और आरडीएम फार्मास्युटिकल्स नवाबिया मार्केट में कार्रवाई की गई.

UP News में तस्करी का अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि दो दिन तक जांच और छानबीन के बाद शनिवार को मोहन ट्रेडर्स कम्मूटोला और मनी मेडिकल को सील किया गया है. इसके साथ ही नीलकंठ मेडिको और मनु फार्मा पर दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है. छापामार कार्रवाई में यहां पर 35 संदिग्ध दवाएं मिली हैं. जिनकी जांच के लिए नमूने लिए गए हैं. इसके साथ ही नकली ड्रग सिंडिकेट में शामिल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ थाना कोतवाली में तीन तहरीर दी हैं. आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि आगरा में तीन चरण में छापामार कार्रवाई की. इस कार्रवाई में नकली और सरकारी दवाओं की तस्करी का अंतरराज्यीय रैकेट सामने आया है. जो आगरा से हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली के साथ ही उत्तराखंड में नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी करता था. जिसके तमाम सुबूत मिले हैं. इसलिए, नकली और सरकारी दवाओं की तस्करी में लगे लोगों पर सख्त कार्रवाई के लिए मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है. इसके साथ ही इस मामले की जांच चल रही है.
अब तक छह मुकदमे दर्ज, अब तीन की तैयारी
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि आगरा में एफएसडीए की टीमों ने पहले दो चरण में छापामार कार्रवाई की. जिसमें 3.72 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की थीं. जिसमें चार गोदाम सील किए. इस दौरान 51 मेडिकल एजेंसी पर छापा मारकर 125 दवाओं के नमूने जांच को भेजे. मई में ज्योति ड्रग हाउस के अवैध गोदामों से 2.50 करोड़ रुपये की इंसुलिन, वैक्सीन और सैन्य-ईएसआई अस्पताल की दवाएं बरामद कीं. इसके साथ ही श्री मेडिकल एजेंसीज से 50 लाख की नकली ऑक्सलगिन डीपी जब्त की थी. इस दौरान अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सामने आया था. जिस पर उत्तराखंड में रुड़की की लेरोई फार्मास्यूटिकल्स पर छापा मारकर नकली पैकेजिंग सामग्री जब्त की थी. जून माह में ब्राइट फार्मा संचालक के आवास पर 5.20 लाख रुपये की जीवनरक्षक और सरकारी दवाओं पर अवैध री-लेबलिंग पकड़ी थीं. सीएफ इंटरप्राइजेज, सुमित माधवानी, सुमित गुप्ता के अवैध गोदामों से 67 लाख रुपये की अवैध दवाएं और फिजिशियन सैंपल्स जब्त किए थे. आगरा के नकली और सरकारी दवाओं की तस्करी के अब तक सामने आए सिंडिकेट के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज कराए गए हैं. अब तीसरे चरण की कार्रवाई में तीन मुकदमे दर्ज कराने को तहरीर दी है.
18001805533 पर करें शिकायत
आगरा के सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नकली और अधोमानक दवाएं जिस बीमारी की होती है. उपचार के दौरान मर्ज पर असर नहीं करती हैं. जिससे जहां मरीज पर आर्थिक मार तो पडती है ही इसके साथ ही उसकी बीमारी और गंभीर होती है. जिससे मरीजों की जान का खतरा अधिक बढ जाता है. जिसमें कई एंटीबायोटिक दवाएं भी मिली हैं. जो गंभीर रोगों के उपचार में उपयोग होती हैं. जिससे गंभीर के मरीज का इलाज प्रभावित होता है. जनता से अपील है कि यदि उनके क्षेत्र या शहर में कोई नकली और घटिया दवाएं बेच रहा है तो उसकी 18001805533 नंबर पर शिकायत करें. जिससे विभागीय टीम जांच करके आगे की विधिक कार्रवाई करेंगी.
