‘मलेरिया’ इटालियन भाषा के शब्द ‘माला’+’एरिया’ से बना है. जिसका अर्थ ‘बुरी हवा’ है. मलेरिया का सबसे पहला मरीज चीन में मिला था. तब इसे दलदली बुखार नाम दिया गया था. क्योंकि, मलेरिया गंदगी वाले क्षेत्रों में फैला था. सन 1880 में पहली बार मलेरिया पर रिसर्च वैज्ञानिक चार्ल्स लुई अल्फोंस लैवेरिन ने किया था.
टीएमटी तकनीक से घुटना-पुनर्निर्माण बहुत आसान हो गया है. इसमें न्यूनतम रक्त क्षति के साथ छोटा चीरा लगता है. मात्र 15 से 20 मिनट में सर्जरी हो जाती है। सर्जरी के दूसरे दिन मरीज बिना सहारे के चलने लगता है. मरीज तीसरे दिन सीढ़ियां चढ़ सकता है.
गर्भवती का आरोप है कि, वह अल्ट्रासाउंड कराने डॉक्टर के पास गई. जहां पर अल्ट्रासाउंड से डॉक्टर ने पहले टॉयलेट करने को कहा. वह टॉयलेट करके अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंची तो डॉक्टर के हाथ में कंडोम देख खबरा गई. डॉक्टर ने उसे आंतरिक वस्त्र उतारने का कहा. कंडोम देखकर मैंने अल्ट्रासाउंड कराने से इनकार कर…
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जिले का बेहतर प्रदर्शन है. इसमें जिले के सभी फर्स्ट रैफरल यूनिट (एफआरयू) पर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की जाती है. इस बार 24 तारीख को रविवार है. इसलिए 25 तारीख यानी सोमवार को ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक’ आयोजित होंगे.
तेज धूप में घर से बाहर निकलने वाले लोगों की त्वचा झुलस रही है. जिससे जलन, खुजली के साथ ही त्वचा पर सफेद, लाल चकत्ते भी हो रहे हैं. इसके साथ ही इस गर्मी में सोरायसिस बीमारी से ग्रस्ति लोगों की परेशानी बढ़ी है.
जिन लोगों की हड्डियों कमजोर होती है. चिकित्सक उन्हें उन्हें रोजाना सुबह की हल्की धूप में वॉक करने की सलाह देते हैं. सूर्य की रोशनी में सिर्फ विटामिन-डी ही नहीं, बल्कि कई अन्य लाभ भी मिलते हैं. इसलिए रोजाना सूर्य की रोशनी में कुछ समय बिताने की आदत बनाएं.
ब्रिटिश शाही परिवार पहली बार आजाद भारत में दौरे 21 जनवरी 1961 में आया. तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू उनकी दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर अगवानी की थी. महारानी की एक झलक देखने वालों की लाखों लोगों की भीड़ रामलीला मैदान में जुटी थी.
हर मां छह माह तक अपना दूध ही सिर्फ शिशु को पिलाएं. मां का दूध पौष्टिक और सुपाच्य आहार होता है. इसलिए महिलाएं अपने शिशु को खूब ब्रेस्टफीडिंग कराएं. शिशु को मां के दूध से खूब एनर्जी मिलती है. मां के दूध में पौषक तत्वों के साथ ही तमाम बीमारियों से शिशु को बचाने वाली…
नवजात शिशु के दुनियां में आने पर तमाम बीमारियां उसे जड़ना चाहती हैं. ऐसी बीमारियों से आपका नवजात शिशु सुरक्षित रहे. हेल्दी रहे. उसकी ग्रोथ भी बेहतर रहे. इसके लिए ये जरूरी छह टिप्स फॉलो करें. जिससे नवजात शिशु की सेहत अच्छी रहेगी.
डायटीशियन और न्यूट्रीशियन के मुताबिक, चुकंदर का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है. 100 ग्राम चुकंदर के सेवन से विटामिन बी-9 का प्रकार फोलेट की दैनिक आवश्यकता का 20 फीसदी तक पूर्ति होती है. चुकंदर के सेवन से त्वचा में निखार आता है.
