केरल में बच्चों के हाथों में गहरे लाल रंग के फफोले दिखाई देते हैं. इस बीमारी की चपेट में ज्यादातर 5 साल से छोटे बच्चे हैं. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि, टोमैटो फ्लू से बच्चों को बचाने के लिए उनकी स्वच्छता पर ध्यान दें और उनके हाइड्रेटेड रहने पर ध्यान दें.
गर्मियों के मौसम में इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की कमी की वजह से डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम होती है. इसलिए गर्मी में खुद के साथ ही बच्चों की डायट पर ध्यान दें. उन्हें हेल्दी व सुपाच्य भोजन के साथ ही खूब पानी पिलाएं. बच्चों के खानपान से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी के लिए mobycapsule.com विजिट करें…
भीषण गर्मी और हीट वेव से बच्चे, युवा, महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी परेशान हैं. ऐसे में छह माह से छोटे शिशु का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. क्योंकि, वो अपनी पीडा किसी से साझा नहीं कर सकते हैं. हीट वेव के प्रकोप से शिशुओं को बचाने के लिए आसान उपाय हैं.
देशभर में भीषण गर्मी और लू का कहर है. जिससे पशु, पक्षी और मानव बेहाल हैं. इस मौसम में बेहतर सेहत के लिए खानपान में बदलाव जरूरी है. हम आपको बताने जा रहे हैं कि, गर्मी में पांच मसालों का सेवन बेहद नुकसानदायक होता है. क्योंकि, ये सभी पांच मसाले गर्म तासीर (Garam Taseer Wale…
‘मलेरिया’ इटालियन भाषा के शब्द ‘माला’+’एरिया’ से बना है. जिसका अर्थ ‘बुरी हवा’ है. मलेरिया का सबसे पहला मरीज चीन में मिला था. तब इसे दलदली बुखार नाम दिया गया था. क्योंकि, मलेरिया गंदगी वाले क्षेत्रों में फैला था. सन 1880 में पहली बार मलेरिया पर रिसर्च वैज्ञानिक चार्ल्स लुई अल्फोंस लैवेरिन ने किया था.
हर मां छह माह तक अपना दूध ही सिर्फ शिशु को पिलाएं. मां का दूध पौष्टिक और सुपाच्य आहार होता है. इसलिए महिलाएं अपने शिशु को खूब ब्रेस्टफीडिंग कराएं. शिशु को मां के दूध से खूब एनर्जी मिलती है. मां के दूध में पौषक तत्वों के साथ ही तमाम बीमारियों से शिशु को बचाने वाली…
नवजात शिशु के दुनियां में आने पर तमाम बीमारियां उसे जड़ना चाहती हैं. ऐसी बीमारियों से आपका नवजात शिशु सुरक्षित रहे. हेल्दी रहे. उसकी ग्रोथ भी बेहतर रहे. इसके लिए ये जरूरी छह टिप्स फॉलो करें. जिससे नवजात शिशु की सेहत अच्छी रहेगी.
Wilson’s disease एक जेनिटिक बीमारी है. जो बहुत कम लोगों में होती है. इसमें लिवर के साथ ही ब्रेन, किडनी और अन्य अंग को भी नुकसान पहुंचता है. यह बीमारी बच्चों में होना बेहद खतरनाक है.
नियमित टीकाकरण कराने पर बच्चे का 11 तरह की बीमारियों से सुरक्षा चक्र मजबूत होता है. नियमित टीकाकरण में टीबी, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टीटनेस, मिजिल्स, परट्यूटिस (काली खांसी), रूबेला, निमोनिया, वायरल डायरिया और हीमोफिलस इंफ्लूएंजा जैसे घातक बीमारी से टीके शामिल हैं.
नवजात शिशु को गोदी लेने की कई पोजिशन हैं. इनमें शोल्डर पोजिशन या क्रैडल पोजिशन शामिल हैं. नवजात शिशु को गोदी में सही तरीका से लेने से उसकी गर्दन में झटका नहीं लगेगा और बैक में पेन भी नहीं होगा.
