डायटीशियन की मानें तो हमें अपनी डाइट में कच्ची, ताजी सब्जियां भी शामिल करनी चाहिए. यदि हम इन मौसमी सब्जियों का जूस पिएं तो सेहत के लिए और बेहतर रहेगा. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि, ताजी सब्जियों के जूस के ही लाभप्रद होता है.
असहनीय दर्द से परेशान और पेन किलर की हैवी डोल लेने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है. अब उन्हें दर्द में राहत के लिए न पेन किलर लेनी होगी और न ही नींद की गोली का सेवन करना होगा. एक विशेष उपकरण से उन्हें दर्द में राहत मिलेगी.
सेना में भर्ती होने के बाद डॉ. एमसी डावर ने अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया. सन 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई. तब उनकी पोस्टिंग बांग्लादेश में थी. डॉ. डावर बताते हैं कि, मैंने न जाने कितने घायल जवानों का इलाज किया.
नई दिल्ली. आज डॉक्टर्स डे है. आज mobycapsule.com उन चिकित्सकों की कहानी लेकर आया है. जिन्होंने विपरीत परिस्थिति में काम किया. संघर्ष किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई. इस खबर में एम्स के दो डॉक्टर्स के संघर्ष की कहानी है. इनमें एक ने पढ़ाई करने के लिए बचपन में सब्जी बेची, मजदूरी की, सीमेंट…
अमेरिका में अबॉर्शन कानून के खिलाफ महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं. महिलाओं ने ऐलान किया है कि, यदि कोई पुरुष अपनी पत्नी के अधिकारों के लिए नहीं लड़ रहा तो वो यौन संबंध बनाने के लायक नहीं है. इसलिए महिलाओं का सोशल मीडिया पर #sexstrike कैंपेन ट्रेंड कर रहा है.
मंगलवार से अगले तीन दिन में आगरा और उसके आसपास के तापमान में गिरावट आएगी. मंगलवार शाम से आसमान में घने बादल छाने के साथ ही मानसून की पहली बारिश के आसार बन रहे हैं. जिससे तापमान में गिरावट की संभावना है.
भारत में अमेरिका से ज्यादा मानवीय गर्भपात की व्यवस्था है. भले ही भारत में गर्भपात करना गैरकानूनी है. लेकिन, विशेष परिस्थिति के लिए कोर्ट की इजाजत से ही अबॉर्शन कराया जाता है.
लंदन की ‘ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी’ के रिसर्चर ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि, नेता का जीवन काल आम आदमी से ज्यादा है. जबकि, 19 वीं सदी के अंत तक नेता और आम आदमी की मत्युदर समान थी.
Health News: MP में प्रेग्नेंट महिलाओं को जांच के लिए मिलेंगे 4 हजार, मप्र सरकार की जानें पूरी योजना
मप्र में स्वास्थ्य विभाग के नए नियमों के मुताबिक, आरसीएच पोर्टल या अनमोल एप पर एएनएम और सरकारी अस्पताल की ओर से जिन गर्भवतियों का पंजीयन एक जुलाई से किया जाएगा. उन्हें नई व्यवस्था के तहत ही मदद मिलेगी.
एक पैर पर दस सैंकड तक खड़े नहीं हो पाना सेहत के लिए ठीक नहीं है. ‘ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन’ में प्रकाशित एक रिसर्च में रिसर्चर ने यह दावा किया है. यह रिसर्च 51 से 75 आयु वर्ग के करीब 1702 लोगों पर की गई.
