जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग की तीन साल तक चली रिसर्च के बाद विशेषज्ञों ने भारत के लोगों में घुटना ट्रांसप्लांट को इम्प्लांट के मानक बदल दिए हैं. यह रिसर्च इंडियन जर्नल ऑफ ऑर्थोपेडिक में मंजूर की गई है.
सेना की ओर से अग्निवीरों की भर्ती के लिए 41 भर्ती0 रैलियां आयोजित करने का ऐलान किया है. लेकिन, इसमें हर सेना रैली भर्ती में अभी सभी जगह पुरुष उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं. दरअसल, मिलिट्री पुलिस में महिला अग्निवीरों की भर्ती को लेकर भी आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.
रात में पसीना आना भी कोविड संक्रमण का नया लक्षण है. ब्रिटेन में हाल में ऐसे कोरोना संक्रमित मिले हैं. जो ओमीक्रोन बीए.5 सब-वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं.
16 जनवरी 2021 को देश में फ्रंट लाइन वर्कर्स के कोरोना टीका लगाने की शुरूआत हुई थी. 18 महीने में देश ने एक ऐसे मुकाम पाया है, जो बड़े-बड़े देश नहीं पा सके हैं. देश आज करीब दो अरब वैक्सीन लगाने का आंकड़े को छू चुका है.
हरियाली वाले क्षेत्र में रहने वाले बच्चों का आईक्यू का स्कोर 105 था. जबकि, आईक्यू का स्कोर 80 से कम वाले बच्चों में 4 फीसदी बच्चे हरियाली के निम्न स्तर वाले क्षेत्रों में मिले. सामान्य तौर पर देखा जाए तो आईक्यू का स्कोर 90 से 110 के बीच में होता है.
अब मेरिट में भी करीब 60 फीसदी लड़किया स्थान बना रही हैं. महिला फैकल्टी के मामले में भी स्थिति काफी बेहतर हुई है. लड़कियों के लिए अतिरिक्त सीटें करीब दस फीसदी रखी गईं हैं.
जो लोग डायबिटीज और दिल की बीमारियों से पीड़ित हैं. उनके लिए गर्मी बेहद नुकसानदेह है. ज्यादा गर्मी में मानसिक रोगियों की स्थिति और खराब होती है.
इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन ने इस दुर्लभ रक्त समूह का नाम ईएमएम निगेटिव रखा है. इसमें ईएमएम नहीं होता है. ईएमएम लाल रक्त कोशिकाओं में एंटीजन होता है. इस रक्त समूह के व्यक्ति न किसी को खून दे सकते हैं और न ही उन्हें किसी का खून चढ़ाया जा सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक, मई को दुनिया का पहला मामला ब्रिटेन में मिला था. दुनियाभर में मंकीपॉक्स के 11076 मामले सामने आ चुके हैं. जिसमें सबसे ज्यादा मंकीपॉक्स मरीज स्पेन, ब्रिटेन, जर्मनी और अमेरिका में मिले हैं. वहीं, मंकीपॉक्स से इस साल अब तक तीन मरीजों की मौत हो चुकी है.
देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ की है. हिमाचल की बात करें तो यहां वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 45.2 फीसदी है तो वहीं, छत्तीसगढ़ में यह आंकड़ा 41.4 फीसदी है.
