NFHS-5 की रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के 707 जिलों के 6.37 परिवार शामिल किए गए हैं. इसमें 8.25 लाख लोगों शामिल किए गए. जिनमें 724155 महिलाएं और 101839 पुरुषों से बातचीत करके आंकडे जुटाए. इस सर्वे में मोटापा जांचने को विश्व स्वास्थ्य संगठन के तय मानकों के मुताबिक, कमर की नाप को विशेष गुलिक टेप…
. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उपचार के बाद डिसचार्ज किए मरीज को पुन भर्ती कराया और उन्होंने प्राचार्य डॉ. प्रशाांत गुप्ता को निर्देश दिए कि, अव्यवस्थाएं जल्द सुधार लें. इलाज में लापरवाही और मरीजों के साथ गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
गर्मियों के मौसम में इलेक्ट्रोलाइट्स और पानी की कमी की वजह से डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम होती है. इसलिए गर्मी में खुद के साथ ही बच्चों की डायट पर ध्यान दें. उन्हें हेल्दी व सुपाच्य भोजन के साथ ही खूब पानी पिलाएं. बच्चों के खानपान से जुड़ी हर छोटी बड़ी जानकारी के लिए mobycapsule.com विजिट करें…
उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू के थपेडे कहर ढा रहे हैं. जिससे मानव, पशु और पक्षी सभी बेहाल हैं. इस गर्मी में 5 तरह की परेशानी लोगों को सता रही हैं. इसलिए हमें इससे बचाव के लिए यह आसान उपाय करने चाहिए.
सीएमएस ने आरोपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. मगर, अभी तक जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से आरोपी के खिलाफ रकाबगंज थाना पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है. इस बारे में यह बात सामने आ रही है कि, अस्पताल में एक्टिव शहर के एक माननीय के रिश्तेदार का आरोपी करीबी है.
देश में भीषण गर्मी और लू हीट वेव चल रही है. जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त है. आए दिन बढ़ रहे तापमान से पशु, पक्षी और मानव का हाल बेहाल है. हीट वेव से बचाने में ये आयुर्वेदिक हेल्थ टिप्स बहुत कारगर हैं.
केंद्र और राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाएं यूपी में गरीबों की जिंदगी बदल रही हैं. आगरा में 45 वर्षीय अनवारी और 11 साल के शिवा को सरकार की आयुष्मान योजना ने नई जिंदगी दी है. इलाज के अभाव में अनवारी और शिवा असहनीय दर्द और तकलीफ सह रहे थे.
सीटीजी आम तौर पर गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में कराया जाता है. यह एक सामान्य टेस्ट है. जिसमें दर्द नहीं होता और न ही शरीर में अंदर कुछ डाला जाता है. यह जांच गर्भावस्था के दौरान शिशु की स्थिति जानने के लिए होती है.
आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में हर साल तंत्रिका संबंधी विकार से लाखों लोग प्रभावित होते हैं. वैज्ञानिकों ने समय और घर बैठे ही मोबाइल से न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याएं पता हों. इसके लिए शोधकर्ताओं ने एक ऐसा मोबाइल एप बनाया है. जिसकी मदद से न्यूरोलॉजिकल विकारों का आसानी से पता लगाया जा सकता है.
प्लास्टिक सर्जन डॉ. ओमकांत गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल, डॉ. ओमकांत गुप्ता, डॉ. अजय सिंहल, डॉ. मनीष शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल और एनेस्थीसिया के डॉ. जेके अल्वी ने ऑपरेशन की प्लानिंग की. पांच सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने 10 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में कटा हाथ जोड़ दिया.
