स्वास्थ्य विभाग ने हीट वेव (लू) को लेकर एडवाइजरी जारी की है. बिना जरूरी काम के धूप में घर से बाहर न निकलें. घर से बाहर निकलें तो पानी पीकर व शरीर को पूरा ढंककर निकलें.
टीबी रोग को जड़ से खत्म करने की मुहिम में आयुष चिकित्सकों की अहम भूमिका रहेगी. इसलिा सरकार ने यूपी में आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक, यूनानी चिकित्सक हैं, जो निजी क्लीनिक संचालक हैं. वे भी अब टीबी मरीजों की सूचना भी निःक्षय पोर्टल पर दर्ज करेंगे.
मैच के दौरान ही किन्वेन झेंग का पीरियड्स (मासिक धर्म) आ गया. जिससे वो अपना सामान्य खेल भी नहीं खेल सकीं. मैच के दौरान पीरियड्स (मासिक धर्म) आने पर महिला खिलाड़ियों की जुबानी, उनकी ही कहानी को लेकर हाल में एक रिपोर्ट जारी हुई.
जोसी प्यूकर्ट का दावा है कि, इस प्रक्रिया में मैंने कोई मेडिकल हेल्प नहीं ली है. मैंने और मेरे पार्टनर ने प्रशांत महासागर में शिशु को जन्म देने का फ़ैसला लिया. मगर, हमने प्रेग्रेंसी की कभी कोई स्कैन भी नहीं कराई. यह पूरा प्रोसेस ’फ़्री बर्थ’ है.
शहरों का तापमान बीते दिनों तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था. ऐसे में गर्भवती महिलाओं के शरीर में पानी की कमी शिकायत हुई. उन्हें खूब पसीना आ रहा है. गर्मी की वजह से गर्भवती महिलाओं की हार्ट बीट भी ज्यादा रही. चिकित्सकों की मानें तो गर्मी में गर्भवती महिलाओं का ह्रदय एक मिनट में…
रिसर्च में तमाम ऐसे युवा सामने आए हैं. जिन्होंने इन एप पर दी गई जानकारी के चलते मानसिक बीमारी की दवाएं छोड दीं. जिससे मरीज की परेशानी और बढ़ गई.
बच्चे को यदि दस्त हो रहे हैं तो उसे तत्काल ओआरएस घोल पिलाएं. जिंक की टेबलेट भी दें. जिससे बच्चे में पानी की कमी नहीं होगी. यदि बच्चा ज्यादा परेशान है तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर चिकित्सक से परामर्श जरूर लें.
टाइप 2 डायबिटीज का औपचारिक रूप से निदान हो सकता है. मगर, तब तक रोगी का मस्तिष्क क्षतिग्रस्त हो चुका होता है. इसलिए डायबिटीज से रोगी के मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तनों का पता लगाने पर तत्काल उसके उपचार शुरू कराएं.
देश की राजधानी दिल्ली से गुहाना तक किडनी रैकेट चल रहा था. जो जरूरतमंद लोगों की चंद हजार रुपए देकर किडनी निकाल कर महंगी कीमत पर दूसरे जरूरतमंदों को बेचता था. इस खबर में किडनी गैंग की हर करतूत जानें.
, आचार संहिता में यह भी साफ किया गया है कि, डॉक्टरों को अपने मरीज को दवा बेच सकते हैं. इतना ही नहीं, एनएमसी ने आचार संहिता मसौदे में कहा है कि, कोई भी डॉक्टर दूसरे डॉक्टरों की लिखी दवा बेच नहीं सकता है. वे जेनेरिक दवाएं ही लिखें और बेचें.
