Research; दिल्ली एम्स की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि देश में हर तीसरे व्यक्ति को गैस्ट्रो की परेशानी है. जिसकी वजह खराब खानपान और जीवनशैली है.
नई दिल्ली।
Research; देश और दुनिया में डिब्बाबंद और प्रसंस्कृत भोजन का बढ़ता चलन सेहत के लिए बड़ी चिंता बनता जा रहा है. यह भोजन ना केवल लिवर को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि बड़ी आंत के कैंसर का खतरा भी बढ़ा रहा है. दिल्ली एम्स के डॉक्टर्स की रिसर्च (Research) में यह खुलासा हुआ है. रिसर्स के मुताबिक, फास्ट फूड, शराब, धूम्रपान और खराब जीवनशैली के कारण पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. रिसर्च के आंकड़े से यह सामने आई है कि देश में हर तीसरा व्यक्ति गैस्ट्रो की समस्या से ग्रसित है.
दिल्ली एम्स के गैस्ट्रोलॉजी प्रोफेसर डॉ. गोविंद मखारिया बताते हैं कि पेट फूलना, डकार आना और डायरिया जैसी समस्याएं अब आम बात हो गई हैं. हालांकि उल्टी, शौच में खून आना और खाना निगलने में परेशानी जैसे लक्षण गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं. देश में करीब 65 हजार लोग बड़ी आंत के कैंसर से पीड़ित हैं. डॉ. गोविंद मखारिया बताते हैं कि आंत में बनने वाले पॉलिप भी आगे चलकर कुछ लोगों में कैंसर का कारण बन सकते हैं. इसलिए, समय रहते इनकी पहचान करके निकालने से कैंसर से बचाव संभव है.

पेट को स्वस्थ रखने के लिए ये उपाय अपनाएं
एम्स के डॉक्टर्स बताते हैं कि खुद की सेहत के लिए पेट की सेहत बेहद जरूरी है. इसलिए, लोगों से अपील है कि अपने खानपान पर अधिक ध्यान दें.
- स्वच्छ भोजन और पानी का सेवन करें. जरूरत के मुताबिक ही खाएं. रोजाना फाइबरयुक्त भोजन लें.
- रोज एक कटोरी दही खाएं. यह पेट के माइक्रोबायोम के लिए उपयोगी है. जो पेट की सेहत ठीक रखेगा.
- चीनी और प्रसंस्कृत भोजन कम करें तथा शराब और धूम्रपान से बचें. जो डायबिटीज रोगी बना सकता है.
- धीरे-धीरे खाने की आदत बनाएं, यह पाचन और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है.
Research; फैटी लिवर की समस्या से हर तीसरा व्यक्ति पीड़ित
दिल्ली एम्स की रिसर्च के मुताबिक, भारत में 38.6% वयस्क और 35.4% बच्चे फैटी लिवर से ग्रसित हैं. जिसकी वजह मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और खराब खानपान है. रिसर्च में मधुमेह पीड़ित करीब एक चौथाई लोगों के लिवर में फाइब्रोसिस भी पाया गया.
