प्लास्टिक सर्जन डॉ. ओमकांत गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल, डॉ. ओमकांत गुप्ता, डॉ. अजय सिंहल, डॉ. मनीष शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल और एनेस्थीसिया के डॉ. जेके अल्वी ने ऑपरेशन की प्लानिंग की. पांच सदस्यीय चिकित्सकों की टीम ने 10 घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन में कटा हाथ जोड़ दिया.
गर्मी में प्रेग्नेंट महिलाएं सतर्क रहें. भीषण गर्मी और लू में खुद का ख्याल रखें. दोपहर में घर से निकलने से परहेज करें. आयुर्वेदाचार्य डॉ चन्द्र प्रकाश दीक्षित ने कुछ घरेलू उपाय बताए हैं. जिसके मुताबिक, प्रेग्नेंसी की शुरूआती स्टेज में प्रेग्नेंट महिलाएं गर्मी और हीट स्ट्रोक से बच सकती हैं.
देशभर में भीषण गर्मी और लू का कहर है. जिससे पशु, पक्षी और मानव बेहाल हैं. इस मौसम में बेहतर सेहत के लिए खानपान में बदलाव जरूरी है. हम आपको बताने जा रहे हैं कि, गर्मी में पांच मसालों का सेवन बेहद नुकसानदायक होता है. क्योंकि, ये सभी पांच मसाले गर्म तासीर (Garam Taseer Wale…
दुनियां में डायबिटीज बीमारी तेजी से पैर पसार रही है. यदि आप डायबिटिक हैं तो खानपान और दिनचर्या में बदलाव करके इसे निय़त्रित कर सकते हैं. क्योंकि, इन पांच सब्जियों में भरपूर मात्रा में स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट होता है. जो डायबिटीज को बूस्ट कर देता है.
सहजन या मोरिंगा बेहद हेल्दी होता है. यह सुपरफूड कहलाता है. मोरिंगा की पत्तियों का जूस सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं. हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं कि, मोरिंगा की पत्तियों का जूस पीने के फायदे और इसका तरीका क्या हैं.
चिकित्सकों की मानें तो पॉलिस्टर और रेयॉन जैसे सिंथेटिक मटेरियल के इनरवेयर पहनने से ब्रेस्ट फोल्ड्स में पसीना जमने से फंगल इंफेक्शन्स होता है. इससे ही रैड रैशेज (Red Rashes) की प्रॉब्लम होती है. इसलिए खुजली को इग्नोर न करें. इसमें लापरवाही बरतने पर प्रोब्लम हो सकती है.
अनानास के सेवन से सेहत के साथ ही वजन भी कंट्रोल होता है. इसे खाने से आर्थराइटिस में राहत मिलती है. कैंसर का जोखिम भी कम होता है.
‘मलेरिया’ इटालियन भाषा के शब्द ‘माला’+’एरिया’ से बना है. जिसका अर्थ ‘बुरी हवा’ है. मलेरिया का सबसे पहला मरीज चीन में मिला था. तब इसे दलदली बुखार नाम दिया गया था. क्योंकि, मलेरिया गंदगी वाले क्षेत्रों में फैला था. सन 1880 में पहली बार मलेरिया पर रिसर्च वैज्ञानिक चार्ल्स लुई अल्फोंस लैवेरिन ने किया था.
टीएमटी तकनीक से घुटना-पुनर्निर्माण बहुत आसान हो गया है. इसमें न्यूनतम रक्त क्षति के साथ छोटा चीरा लगता है. मात्र 15 से 20 मिनट में सर्जरी हो जाती है। सर्जरी के दूसरे दिन मरीज बिना सहारे के चलने लगता है. मरीज तीसरे दिन सीढ़ियां चढ़ सकता है.
गर्भवती का आरोप है कि, वह अल्ट्रासाउंड कराने डॉक्टर के पास गई. जहां पर अल्ट्रासाउंड से डॉक्टर ने पहले टॉयलेट करने को कहा. वह टॉयलेट करके अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंची तो डॉक्टर के हाथ में कंडोम देख खबरा गई. डॉक्टर ने उसे आंतरिक वस्त्र उतारने का कहा. कंडोम देखकर मैंने अल्ट्रासाउंड कराने से इनकार कर…
